देश में मौसम का दोहरा रूप: उत्तर और पश्चिम में भीषण गर्मी का प्रकोप, तो दक्षिण में भारी बारिश का रेड अलर्ट
भारत के मौसम में इस समय अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जहाँ एक तरफ देश का बड़ा हिस्सा चिलचिलाती धूप, लू और धूल भरी आंधियों की चपेट में है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, आने वाले दिनों में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी का सितम
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। आमतौर पर गर्मी कम करने वाले ‘वेस्टर्न डिस्टरबेंस’ का प्रभाव न के बराबर है, जिसके चलते राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में अगले चार-पांच दिनों तक ‘हीट वेव’ यानी लू के थपेड़े जारी रहेंगे। राजस्थान के गंगानगर जैसे जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है, जो चिंता का विषय है।
हालाँकि मध्य भारत में मौसम फिलहाल साफ है, लेकिन मध्य प्रदेश में जल्द ही गर्मी की लहर अपना असर दिखाना शुरू कर सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है, जहाँ दिन में लू के साथ-साथ रातें भी काफी गर्म (वर्म नाइट) रहने का अनुमान है।
मुंबई और कोंकण क्षेत्र में चढ़ा पारा
गर्मी का यह कहर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र का तटीय इलाका भी तप रहा है। मुंबई और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों में बुधवार को उमस और गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। सांताक्रूज में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था, जबकि कोलाबा में यह सामान्य से 3.3 डिग्री ऊपर यानी 33.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
कोंकण बेल्ट में स्थिति और भी खराब रही। डहाणू में राज्य का सबसे अधिक तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 8 डिग्री ज्यादा था। रत्नागिरी में भी पारा सामान्य से 2.4 डिग्री ऊपर रहा।
मुंबई क्षेत्रीय मौसम विभाग की अधिकारी शुभांगी भूते ने इस अचानक बढ़ी गर्मी का कारण ‘सी ब्रीज’ (समुद्री हवाओं) का देरी से चलना बताया है। आमतौर पर सुबह 11:30 बजे तक चलने वाली ठंडी हवाएँ अब देरी से पहुँच रही हैं, जिससे सतह की गर्मी कम नहीं हो पा रही और गर्म हवा की परतें ऊपर बनी हुई हैं। अगले दो दिनों तक मुंबईवासियों को इस ‘इनवर्जन’ जैसी स्थिति और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी की वजह
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में हाल ही में छाई धूल भरी धुंध ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। डॉ. कुमार के मुताबिक, यह सब ‘प्रेशर ग्रेडिएंट’ यानी हवा के दबाव में अंतर के कारण हो रहा है। राजस्थान में भीषण तापमान की वजह से हवा का दबाव कम हो गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में दबाव ज्यादा है। इस अंतर को भरने के लिए राजस्थान से धूल भरी तेज हवाएँ दिल्ली की तरफ खिंची चली आ रही हैं। पश्चिमी राजस्थान में अभी भी धूल भरी आंधी का जोर रह सकता है, हालांकि पंजाब और हरियाणा में इसका असर थोड़ा कम होने की संभावना है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश का अलर्ट
मौसम का दूसरा पहलू दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिल रहा है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएँ चलने और भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में अगले पांच दिनों तक लगातार बारिश जारी रहेगी। यहाँ भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन यह गतिविधियां ज्यादा व्यापक नहीं होंगी।
मौसम विभाग की सलाह
इस बदलते और उग्र मौसम को देखते हुए विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लू वाले इलाकों में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने को कहा गया है। वहीं, भारी बारिश वाले क्षेत्रों में बाढ़ और तेज हवाओं से संभावित नुकसान के मद्देनजर प्रशासन और आम जनता को तैयार रहने की अपील की गई है।