माइक्रोसॉफ्ट की 2026 में लड़खड़ाती शुरुआत: एक्सचेंज ऑनलाइन के फैसले पर यू-टर्न और एक्सेल में तकनीकी खामी

टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के लिए वर्ष 2026 की शुरुआत काफी हलचल भरी रही है। कंपनी को न केवल अपनी एक प्रमुख नीतिगत घोषणा को वापस लेना पड़ा, बल्कि अपने लोकप्रिय स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खामी के कारण उपयोगकर्ताओं की नाराजगी भी झेलनी पड़ी। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे तकनीकी दिग्गज को ग्राहकों की प्रतिक्रिया और सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता के बीच संतुलन बनाने में संघर्ष करना पड़ रहा है।

एक्सचेंज ऑनलाइन में ईमेल लिमिट का विवाद

अप्रैल 2024 में, माइक्रोसॉफ्ट ने एक्सचेंज ऑनलाइन को लेकर एक बड़ी घोषणा की थी, जिसने कॉर्पोरेट जगत में खलबली मचा दी थी। कंपनी ने ‘एक्सटर्नल रेसिपिएंट रेट’ (ERR) यानी बाहरी लोगों को ईमेल भेजने की सीमा तय करने का प्रस्ताव रखा था। इसके तहत, किसी भी यूजर या मेलबॉक्स से 24 घंटे के भीतर बाहरी प्राप्तकर्ताओं को केवल 2,000 ईमेल ही भेजे जा सकते थे। शुरुआत में इसे जनवरी 2026 से लागू किया जाना था, जिसे बाद में नए और मौजूदा टेनेंट्स के लिए अलग-अलग तारीखों (अप्रैल और अक्टूबर 2026) तक टाल दिया गया था।

हालांकि, अब कंपनी ने इस फैसले को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। यह कदम उन व्यवसायों के लिए राहत की खबर है जो अपने मार्केटिंग अभियानों और सेल्स कम्युनिकेशन के लिए एक्सचेंज ऑनलाइन पर निर्भर हैं। वैसे तो एक्सचेंज ऑनलाइन में कुल 10,000 ईमेल की दैनिक सीमा है, लेकिन प्रस्तावित नियम के अनुसार बाहरी ईमेल के लिए यह सीमा काफी कम कर दी गई थी, जो विशेष रूप से सेल्स टीमों के कामकाज को बाधित कर सकती थी।

उपयोगकर्ताओं का विरोध और भविष्य की रणनीति

इस नीति परिवर्तन को रद्द करने का मुख्य कारण ग्राहकों का असंतोष था। उपयोगकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि थोक ईमेल (Bulk Email) के अन्य विकल्प उनकी जरूरतों के हिसाब से फिट नहीं बैठते और यह नई सीमा उनके दैनिक परिचालन में बड़ी बाधा उत्पन्न करेगी। रेडमंड स्थित इस कंपनी ने ग्राहकों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते हुए स्वीकार किया कि फिलहाल स्पैम और दुरुपयोग को रोकने के लिए यह तरीका सही नहीं है।

माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि भले ही 2,000 ईमेल वाली विशिष्ट सीमा हटा दी गई है, लेकिन दुरुपयोग के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। कंपनी अब ऐसे वैकल्पिक तरीकों पर विचार कर रही है जो वैध व्यावसायिक गतिविधियों में खलल डाले बिना स्पैमर्स और दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों पर लगाम लगा सकें। यानी लक्ष्य वही है, बस तरीका बदला जाएगा ताकि आम उपयोगकर्ताओं को “कम से कम” परेशानी हो।

नए साल पर एक्सेल का ‘स्टॉक मिस्ट्री’

जहां एक तरफ नीतिगत मोर्चे पर कंपनी को पीछे हटते देखा गया, वहीं दूसरी तरफ तकनीकी मोर्चे पर भी साल की शुरुआत में शर्मिंदगी उठानी पड़ी। कई निवेशकों और डेटा विश्लेषकों के लिए नया साल अपनी वित्तीय स्थिति का जायजा लेने का समय होता है, लेकिन एक्सेल के ‘स्टॉकहिस्ट्री’ (StockHistory) फंक्शन ने ऐन मौके पर काम करना बंद कर दिया। 2026 की शुरुआत के साथ ही उपयोगकर्ताओं को स्टॉक्स का डेटा प्राप्त करने में “कनेक्शन एरर” का सामना करना पड़ा।

यह समस्या वेब और डेस्कटॉप दोनों संस्करणों में देखी गई। सोशल मीडिया और माइक्रोसॉफ्ट के फीडबैक फोरम पर शिकायतों का अंबार लग गया। कई नाराज ग्राहकों ने तो यहां तक कहा कि वे माइक्रोसॉफ्ट 365 का सब्सक्रिप्शन केवल इसी फीचर के लिए लेते हैं। एलएसईजी (LSEG) डेटा एंड एनालिटिक्स द्वारा संचालित यह फीचर बाजार के रुझान को ट्रैक करने के लिए महत्वपूर्ण है। एक रेडिट यूजर द्वारा साझा की गई सपोर्ट चैट से पता चला कि यह एक “ज्ञात बग” था, जिसने साल के पहले ट्रेडिंग सत्र के दौरान उपयोगकर्ताओं को निराश किया।

सॉफ्टवेयर विश्वसनीयता पर सवाल

हालांकि कुछ दिनों बाद इस तकनीकी खामी को ठीक कर दिया गया, लेकिन तब तक कई उपयोगकर्ता विकल्पों की तलाश शुरू कर चुके थे। शेयर बाजार का स्वभाव ऐसा है कि वह किसी सॉफ्टवेयर के ठीक होने का इंतजार नहीं करता। यह घटना माइक्रोसॉफ्ट के लिए एक चेतावनी की तरह है, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड सॉफ्टवेयर अपडेट्स और विश्वसनीयता के मामले में पिछले कुछ वर्षों में बहुत बेदाग नहीं रहा है।

विडंबना यह है कि जहां कंपनी का पूरा जोर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्षमताओं को साबित करने पर है और वह ग्राहकों को यह भरोसा दिलाने में जुटी है कि उनका एआई आउटपुट बेहतरीन है, वहीं बुनियादी टूल्स का इस तरह बार-बार खराब होना उसकी साख पर बट्टा लगाता है। नए साल में कंपनी के लिए शायद यह एक अलिखित संकल्प होना चाहिए कि नई तकनीक के साथ-साथ अपने मौजूदा सॉफ्टवेयर के ढांचे को भी मजबूत और त्रुटि रहित बनाए रखा जाए।