Home Samachar Vishesh एगो पुलिस अधिकारी के जुनून...

एगो पुलिस अधिकारी के जुनून...

E-mail Print PDF
share
पटना। वइसे त एक जमाना रहे जब कुछ लोगन का वजह से बिहार पुलिस के छवि जनता के नजर में ओतना बढिया ना रहे, लेकिन अब हालात बदल रहल बाटे। अउर एह छवि के बदले में एडीजी अभयानंद अउर आईजी अरविन्द पाण्डेय जइसन लोगन के नांव प्रमुख बा। बिहार के गरीब छात्रन के सहायता खातिर एडीजी अभयानंद प्रसिद्ध गणितज्ञ आनंद कुमार के "सुपर-30" खोले में सहयोग कइलन, अउर बाद में ओह से मिलत-जुलत कई गो अध्ययन केंद्र (जइसे "रहमानी सुपर-30", "मगध सुपर 30" आदि) बिहार भर में खोललन, अउर ओकरा संचालन में मदद कइ रहल बाडन। एडीजी अभयानंद के बारे में पहिले भी भोजपुरिया डॉट कॉम पर काफी कुछ लिखल जा चुकल बाटे, जवन कि एहिजा क्लिक कइ के देखल जा सकेला

आज हमनी का बात कइ रहल बानी जा आईजी अरविन्द पाण्डेय के बारे में, जिनका के बिहार पुलिस के जनता से जोडे वाली मुहिम खातिर जानल जाला। अपना तेज-तर्रार फैसला का वजह से लगातार चर्चा में रहल एह वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के बारे में शायद बहुत कम लोग जानेला कि ई ना सिर्फ हिन्दी के बहुत बढिया कवि हवन, बल्कि हिंदी-भोजपुरी के बढिया गायक भी बाडन। अउर त अउर, अरविन्द पाण्डेय बकायदा दूगो भोजपुरी फिल्म "बंधन टूटे ना" अउर "धरती कहे पुकार के" में अभिनय भी कइले बाडन। बहुमुखी प्रतिभा के धनी एह आईपीएस अधिकारी के बिहार पुलिस के सूचना-तकनीक (इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी) से जोडे के प्रक्रिया में सूत्रधार, अउर पुलिसिंग में नया प्रयोग खातिर जानल जाला।

अपना नक्सल-विरोधी तेवर खातिर बिहार भर में प्रसिद्ध अरविन्द पाण्डेय के नांव ओह समय बिहार के तकनीकी रुप में सबसे सक्षम पुलिस पदाधिकारी के रुप में सामने आइल, जब नवम्बर 2007 में मुजफ्फरपुर में डीआईजी (तिरहुत प्रक्षेत्र) का तौर पर काम करते समय ऊ ई-मेल के जरिए प्राथमिकी (एफआईआर) लिखे के अभियान के घोषणा कइलन। एगो पिछडा राज्य का तौर पर जानल जाये वाला बिहार के पुलिस खातिर ई एगो अइसन चमत्कारिक शुरुआत रहे, जेकर कल्पना कइल भी ओह समय मुश्किल रहे। एह पहल के तहत मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढी आ शिवहर के पुलिस अधीक्षक लोगन के ई-मेल आईडी सार्वजनिक कइल गइल, जवना से जनता अब तक अपना के पहुँच से दूर एह अधिकारियन से सीधे संवाद स्थापित करे में कामयाब भइल।

आईजी अरविन्द पाण्डेय के एगो अउर बढहन उपलब्धि मानल जाला - "जहाँगिरी घंटी" के प्रयोग। ना सिर्फ बिहार, बल्कि देश भर में चर्चित ई घंटी वास्तव में मुजफ्फरपुर में डीआईजी के आवास के बाहर एगो बडहन घंटी के फोटो पर कॉल-बेल के लगा के बनावल गइल रहे। अगस्त 2008 में शुरु भइल एह घंटी के कवनो भी आम आदमी 24 घंटा में कबो बजा सकत रहे, अउर ओहिजा मौजुद पुलिस अधिकारी ओकरा समस्या के समाधान खातिर तत्पर रहत रहे लोग। एह घंटी के मदद से ना सिर्फ कई गो मामला के निष्पादन भइल, बल्कि कुछ अइसनो मामला के सुलझाये में मदद मिलल, जवना में स्थानीय पुलिस के कुछ कनीय अधिकारी लोग ध्यान ना देत रहे। अपने आप में अनूठा एह घंटी के प्रयोग से जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढल, आ ओह लोगन के न्याय चौबीसों घंटा उपलब्ध भइला के भरोसा भी मिलल।

फेसबुक, आर्कूट अउर अन्य सोशल नेटवर्क वेबसाइटन पर अपना "बिहार-भक्ति आंदोलन" (जवन कि एगो रजिस्टर्ड संस्था हवे) अउर "लिटीगेशन-फ्री सोसाइटी" नियन अभियान का वजह खासा चर्चित अरविन्द पाण्डेय के कहनाम बा कि - "ज्यादातर मुकदमा आपस में बातचीत के जरिये सुलझावल जा सकेला। अउर पुलिस के ई कोशिश होखे के चाहीं कि एह दिशा में एगो इमानदार प्रयास होखो, ताकि लोग सालों-साल चले वाला मुकदमा से बच सको।" अरविन्द पाण्डेय के अनुसार कई गो मामला, अउर खास कर के जमीन-जायदाद के मामला में ऊ इहो देखले बाडन कि दूनो पक्ष के मूल कारण के पता रहेला, अउर कई बेर उनका पहल पे कई लोग आपस में सुलह सफाई भी कइले बा।

फिलहाल बिहार पुलिस में पुलिस महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग) के पद पर कार्यरत अरविन्द पाण्डेय ना सिर्फ बिहार के विकास खातिर प्रयासरत रहेलन, बल्कि उनकर "लिटीगेशन-फ्री सोसाइटी" के सपना उनका कर्तव्यशीलता के कहानी कह रहल बाटे। आज के समय में बिहार के अइसने दूरदर्शी आ भविष्य-दृष्टा अधिकारियन के जरुरत बा, जे बिहार के विकसित राज्यन के सूची में लाके खडा कर सके।
 
 
Comments (6)
Salam....
1 Monday, 08 August 2011 07:20
Rajnish kumar singh
Salam ba IG Arvind Pandey jee ke inha ke bare me aur kuchh vistaar se batai . Shayad inha ke vindhya ksheta se bani noo ham inha ke bare me kahi padhle rahi .Bar bar salam ba inha ke charan me ......
शत शत नमन इस जज्बे को
2 Monday, 08 August 2011 13:50
नवीन भोजपुरिया
शत शत नमन बा आ सांच पुछी त आजु के समय मे बिहार ना पुरा भारत के अईसने अधिकारी लोगन के जरुरत बा ! जे सही मे कानुन के रक्षक आ जनता के सेवक दुनो रोल निभावत होखे !

बहुत बहुत धन्यवाद एह बहुमुखी प्रतिभा से हमनी के परिचय करावे खातिर !

जय भोजपुरी जिआ भोजपुरी
सलाम है इस जुनून को
3 Monday, 08 August 2011 14:19
प्रकाश
सर, आप जैसे पुलिस अधिकारियों पर हमें गर्व है. जय बिहार.
एगो पुलिस अधिकारी के जुनून...
4 Monday, 08 August 2011 20:45
sheoji
hum ego sanstha se jural bani jekar nam goonj ha aa je 22 rajyo me kam karele..hamni ke kosi flood me karib 350 gawo me tarah-2 ke kam chalal aur chal rahal bate..flood ke time me hi sri pande ji ke bhi sanstha saharsa khadi gramodyog sangh me aapan base bana ke logo ke bich kam karat rahe..e sanstha ke madhyam se logan ke kafi madad milal....
Salute to you
5 Monday, 15 August 2011 09:30
Animesh
Nice to hear that this kind of initiatives are being taken by officers of Bihar, specially from Police department.
I would like to congratulate and wish him all the happiness and best wishes for his future actions.
sukriya
6 Tuesday, 16 August 2011 22:56
maquesood alam
bahut bahut sukriya detani inke je bihar ke vikash ke bare me dheyan dev e log hamni katir kartalo ese humni ke inkar sukra gujar baniD
click here