Home Samachar Vishesh सम्मेलन में लउकल 'आधी आबादी' के जलवा

सम्मेलन में लउकल 'आधी आबादी' के जलवा

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जीरादेई (सिवान)। अभी कुछ दिन पहिले एगो परिचर्चा में ई बात उठल रहे कि भोजपुरी गीतन में व्याप्त अश्लीलता के वजह से भोजपुरी के कवनो कार्यक्रम अउर सम्मेलन में महिला लोगन के उपस्थिति ना के बराबर रहेला। एकरा अलावा शायद महिला सशक्तीकरण के एह युग में, महिला लोग आयोजकन द्वारा कइल जा रहल उपेक्षा से भी क्षुब्ध रहे। लेकिन अब एकरा के आयोजकन पर भरोसा कहीं, या फिर भरत शर्मा के जादू, महिला भागीदारी के मामला में ई कार्यक्रम एह तरह के अन्य आयोजनन के एगो नया राह देखा गइलस।

एह कार्यक्रम के शुरु से लेके अंत ले हजारन के संख्या में स्कूल-कॉलेज के छात्रा अउर गांव के महिला लोग जुटल रहे। अपना रसोई से बाहर निकलल महिला लोगन खातिर ई एगो अवसर रहे भोजपुरिया संस्कृति के बदलाव के साक्षी बने के, अउर आपन बात जोरदार तरीका से पूरा समाज तक पहुँचाये के। बतकही आ कवि सम्मेलन के समय गाँव के महिला लोगन के भोजपुरी के भविष्य पर आपस में बतियावल भी देखल गइल, अउर भरत शर्मा आ अराधना सिंह द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी गीतन के लुफ्त उठाये में भी ऊ लोग केहु से पिछे ना रहे।

“हम बहुत खुश बानी एह कार्यक्रम के हिस्सा बन के, अउर अगर एह तरह के बढिया आयोजन होई, त हम दोबारा जरुर ओह में आएब। हमनी के एह से भोजपुरी आ राजेन्द्र बाबु के बारे में बहुत कुछ जाने के मिलल,” जीरादेई गांव के बासमती देवी भोजपुरिया डॉट कॉम से बातचीत के दौरान कहली। उनका अलावा एह आयोजन में सम्मिलित स्कूल-कॉलेज के छात्रा लोगन के आँखि के चमक एह बात के गवाह रहे कि भोजपुरी के भविष्य अब उज्ज्वल बा, आ भोजपुरी आन्दोलन के एह नया दौर में पुरुष लोगन का संगे-संगे महिला लोगन के भी बराबर के भागीदारी रही।

 


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Comments (1)
आस , विश्वास , सम्मान , उमेद
1 Friday, 10 December 2010 09:21
Navin Bhojpuria
आस बा असली भोजपुरिया समाज के उदय के
विश्वास बा जय भोजपुरी के पहल पे
सम्मान मिलल एह आयोजन मे
उमेद बा जय भोजपुरी से खांटी भोजपुरी के मान सम्मान आ हक दिलावे खातिर आ अश्लीलता के दुर भगावे खातिर ।

आ बस इहे कुल्हि मिल के एह आबादी के सही रुप मे देखवलस एह आयोजन मे !

शत शत नमन एह दर्शकन के

जय भोजपुरी