Home Samachar Vishesh दिल के छू गइल स्वाभिमान सम्मेलन: भरत शर्मा

दिल के छू गइल स्वाभिमान सम्मेलन: भरत शर्मा

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जीरादेई (सिवान)। भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के मंच पर आवते साथ भोजपुरी सम्राट भरत शर्मा के पहिला लाइन रहे – “देश के पहिला राष्ट्रपति राजेन्द्र बाबु के धरती के हमार प्रणाम।“ बात सुने में भले साधारण लागत रहे, लेकिन अगर मीडिया के मानल जाव त भरत शर्मा एगो अइसन ऐतिहासिक आयोजन के हिस्सा रहलन, जवन कि जीरादेई के धरती पर आज से पहिले कहियो ना भइल रहे।

"हम भोजपुरिया डॉट कॉम अउर जय भोजपुरी डॉट कॉम के तहेदिल से धन्यवाद दिहल चाहेब, एह आयोजन खातिर। हम आश्चर्यचकित बानी कि एगो अइसन गांव में, जहाँ बिजली जइसन साधारण चीज खातिर लोग तरस रहल बा, ओहिजा एह तरह के वृहत स्तर के आयोजन कइसे संभव भइल?" भरत शर्मा आगे कहलन। एह कार्यक्रम के शुरुआत में ही भरत शर्मा साफ शब्दन में भोजपुरी से अश्लीलता उखाड फेंके के एह मुहिम के सराहना कइलन, अउर ओकरा खातिर हर संभव सहयोग के वचन भी दिहलन।

भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के शुरुआत में पारंपरिक भक्ति गीतन के बाद भरत शर्मा जइसहीं “दिल्ली बंबई कलकत्ता, चाहें रहिह मसूरी में... पढिह-लिखिह कवनो भाषा, बतिअइह भोजपुरी में...” शुरु कइलन, त एक पल खातिर अइसन लागल कि दुनिया भर के भोजपुरिया लोगन के भोजपुरी में बात करे के संदेश दिहल जा रहल बाटे। ओकरा बात त एक के बाद एक गीत चलत गइल, आ कडाकेदार ठंड के बावजुद रात के करीब एक बजे ले लोग ओहिजा भोजपुरी गीतन के अलग-अलग भाव में डूबत-उतरात रहल।

एगो अइसन समय में, जब भोजपुरी गीतन में व्याप्त अश्लीलता के वजह से लोग एह तरह के कार्यक्रम में सम्मिलित होखे से बचेला, एहिजा दर्शक-दीर्घा में हजारन के संख्या में महिला दर्शकन अउर छोट लइकन के उपस्थिति भोजपुरिया गीत-संगीत के दुनिया में एगो नया बदलाव के संकेत करत रहे। भरत शर्मा के शब्दन में अगर कहल जाव, त ई भोजपुरी में अश्लीलता से उब चुकल लोगन खातिर खुली हवा में सांस लेवे के एगो अवसर रहे। आपन भोजपुरी के गरिमा के पुन: स्थापित करे के एगो बरियार कोशिश रहे।

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