पटना। पूरा देश आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 141 वीं जयंती मना रहल बा । बिहार से गांधी जी का विशेष लगाव रहा बा । बिहार ही उनकर कर्म भूमि रहल बाटे, काहें कि गांधी जी के पहिला सार्वजनिक कार्यक्रम चम्पारण सत्याग्रह 1917 बिहार से ही शुरू भइल रहे।इतिहास गवाह बा की गांधी जी खुद बार-बार एह बात के स्वीकार कइले बाडन कि चम्पारण ही उनका के हिन्दुस्तान से परिचय करवलस। गाँधी जी के 3 मार्च 1947 से 8 अगस्त 1947 तक के ज्यादातर समय बिहार में ही गुजरल रहे। वइसे त बिहार से गांधी जी के बहुत सारा याद जुडल बा, लेकिन ओकरा के सहेज के रखल काफी मुश्किल हो रहल बाटे।
पटना से सटल ब्रिकम स्थित गांधी आश्रम आज कल बहुत ही बुरा हाल से गुजर रहल बाटे। ओकर देख रेख करे वाला केहु नइखे। एही में तमाम अव्यवस्था के बीच प्रसिद्ध गांधीवादी अउर गांधी संग्रहालय के संरक्षक डॉक्टर रजी अहमद कहलन कि आज गाँधी जी के विरासत के संभाल के राखल काफी मुश्किल हो रहल बा। पता ना सरकार एह मामला पर कब कुछ सकारात्मक कदम उठाई।
बिहार के चम्पारण के धरती से दुनिया के सत्य अउर अहिंसा के पाठ पढाये वाला एह महापुरुष के भोजपुरिया डॉट कॉम परिवार के भावभीवी श्रद्धांजलि।


