Home Samachar National भोजपुरी के मान्यता के रास्ता साफ...

भोजपुरी के मान्यता के रास्ता साफ...

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नई दिल्ली। देश-विदेश में बसे वाला करोडन भोजपुरी-भाषियन खातिर एगो शुभ समाचार बाटे। संसद में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी समेत पक्ष आ विपक्ष के कई गो सांसद भोजपुरी के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करे खातिर उत्सुक दिखल लोग। सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष सोनिया गाँधी के एह दिशा में सकारात्मक रुख अउर भाजपा समेत कई गो पार्टियन के सहमति देख के लागता कि भोजपुरी के ओकर हक मिले में अब ज्यादा समय बाकी नइखे।

काल्ह कांग्रेस के सांसद जगदम्बिका पाल, संजय निरुपम अउर रघुवंश प्रसाद सिंह (राजद) संसद में भोजपुरी के मान्यता के बात उठावल लोग, जेकरा समर्थन में बिहार-उत्तर प्रदेश के कई गो सांसद उठ खडा भइले। एह सांसदन के माँग रहे कि भोजपुरी बोले वाला 18 करोड से बेसी लोग बा, अउर ना सिर्फ भारत में बल्कि देश के बाहर भी कई जगह भोजपुरी बोलल जाले। एह भाषा के आपन व्याकरण भी बा, अत: सरकार के चाहीं कि एह मामला के टालो जनि, बल्कि जल्द से जल्द भोजपुरी के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करो।

एह बीच काफी सांसद लोग एह मुद्दा पर खडा हो गइल, आ हँगामा के बीच कांग्रेस सोनिया गाँधी एह मुद्दा पर गृहमंत्री पी. चिदम्बरम अउर गृह राज्यमंत्री अजय माकन से बात कइली। ऊ जाने के कोशिश करत रहली कि केतना लोग भोजपुरी बोलेला, आ संख्या जनला के बाद ऊ काफी सकारात्मक अंदाज में कहली कि ई संख्या बहुत ज्यादा बा, अउर सरकार के एह पर ध्यान देवे के चाहीं। ओकरा बाद कुछ सांसद लोग राजस्थानी के भी मान्यता देवे के माँग कइल, जवना पर भी सांसदन के रुख सकारात्मक रहे।

एह मुद्दा पर गृह राज्य मंत्री अजय माकन के कहनाम रहे कि सरकार एह मुद्दा पर गंभीर बिया, अउर सूर्यकांत महापात्र कमेटी के सिफारिशन पर विचार कइल जा रहल बाटे। एह पर समय सीमा के बारे में त कुछ कहल मुश्किल बा, लेकिन जवन भी फैसला होई, ऊ सदन के सामने ले आवल जाई। एह से पहिले संजय निरुपम एह चर्चा के शुरु करते समय कहलन कि भोजपुरी देश में हिन्दी के बाद सबसे बेसी बोले जाये वाली भाषा हवे, जेकर इतिहास सातवीं शताब्दी से मिलेला, अउर ई दुनिया के 12 देशन में बोलल जाले। उनका बात से सहमति जतावत राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह कहलन कि देश में करीब 18 करोड लोग, अउर विदेशन में 8 करोड से बेसी लोग भोजपुरी बोलेला, ओह से संसद के कर्तव्य बनता, कि ऊ एह भाषा के मान्यता देव।

वइसे सदन के नेता प्रणब मुखर्जी कहलन कि एह सत्र में अब समय नइखे, लेकिन अगिला सत्र में कवनो नियम के तहत एह पर व्यापक चर्चा हो सकेला। पिछला महीना वरिष्ठ भाजपा नेता राजीव प्रताप रुढी के राज्यसभा में भोजपुरी में शपथ लेवे के कोशिश कइला के बाद आज जवना तरह से कांग्रेस अध्यक्ष एह भाषा के बारे में सकारात्मक रुख देखवली ह, ओह से साफ संकेत मिलता कि भोजपुरी के मान्यता के राह अब मुश्किल नइखे।

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