आरा। बिहार में रणवीर सेना के संस्थापक कहल जाये वाला बरमेश्वर मुखिया के शुक्रवार तड़के अज्ञात हमलावर लोग गोली मार के हत्या कइ दिहल। 70 वर्षीय मुखिया सबेरे 4.15 बजे टहल के नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत कतिरा मुहल्ला स्थित अपना घरे लवटत रहलन, तबे मोटरसाइकिल पर सवार तीन अपराधी लोग उनका पर ताबडतोड फायरिंग कइल। उनका पर करीब चालीस राउंड गोली बरसावल गइल, जवना में से छह गोली लगला के बाद घटनास्थल पर ही उनकर मौत हो गइल। उनकर अंतिम संस्कार शनिचर के पटना में होई।उनकर हत्या के सूचना मिलला के बाद भोजपुर जिला में लोग सड़कन पर आ गइल, अउर तोड़फोड़ आ आगजनी के दौर शुरु हो गइल। प्रशासन के हालात पर नियंत्रण करे खातिर कर्फ्यू लगाये के पड़ल, अउर आरा में सीआरपीएफ तैनात कइ दिहल गइल बाटे। पूरा बिहार में, अउर खास कइ के मध्य बिहार के में विशेष सतर्कता बरतल जा रहल बाटे। घटना के बाद कई घंटा ले उत्तेजित समर्थक लोग मुखिया के शव ना उठाये दिहल। आरा के कतिरा थाना क्षेत्र में, जहंवा पर मुखिया के हत्या भइल, ओहिजा एगो छात्रावास में आग लगा दिहल गइल। एकरा अलावा सर्किट हाउस में भी आगजनी अउर तोड़फोड़ कइल गइल। कई गो सरकारी कार्यालयन में तोड़फोड़ के भी खबर आ रहल बाटे। हत्या के बाद जब पुलिस अधीक्षक एमआर नायक अउर सिटी डीएसपी जीएम कुमार मौका-ए-वारदात पर पहुंचल लोग, त ओह लोगन के भीड़ के आक्रोश के सामना करे के पड़ल। पुलिस पर पथराव भी भइल, अउर एसपी के ओहिजा से दउडा के भगा दिहल गइल। एही दौरान आरा के नजदीक पटना आ रही राजधानी एक्सप्रेस पर कुछ उपद्रवी लोग पथराव कइ के ओकर शीशा तूर दिहल। एह घटना में केहु के घायल भइला के कवनो सूचना नइखे।
रणवीर सेना के समर्थक लोग एहिजा कृषि भवन, आरा में बीडीओ के ऑफिस अउर रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ अउर आगजनी कइल। आरा डेयरी के चार गो गाड़ियन के फूंक दिहल गइल। रणवीर सेना के प्रवक्ता अजय सिंह के कह्नाम बा कि संगठन के समर्थक औरंगाबाद, सासाराम, जहानाबाद, अरवल अउर गया के लोग आज (शनिचर के) आरा में जुटिहें, जहंवा आगे के रणनीति तय कइल जाई।
हत्या के पीछे जेडीयू विधायक?
शुरू में अइसन चर्चा रहे कि रणवीर सेना प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया के हत्या के पीछे नक्सलियन के हाथ हो सकेला। लेकिन, एगो न्यूज चैनल के अनुसार ब्रह्मेश्वर मुखिया के परिवारवाला लोग एह घटना के पीछे जेडीयू विधायक सुनील पांडे के हाथ बतवले बा। पुलिस अब एह ऐंगल से भी मामला के जांच कइ रहल बिया। मौका पर पहुंचल भाजपा विधायक संजय टाइगर अउर जदयू विधायक सुनील पांडेय के ओहिजा भी लोगन के गुस्सा के सामना करे के पडल। स्थिति पर काबू पावे खातिर पुलिस के आंसू गैस छोड़ला के अलावा दो-तीन चक्र हवाई फायरिंग भी करे के पड़ल।
सीबीआइ जांच के मांग
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अउर आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव अउर लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान एह हत्या की निंदा करत एह घटना के सीबीआइ से जांच कराये के मांग कइले बा लोग। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सी.पी. ठाकुर भी एह मामला के सीबीआई जांच कइ के हत्यारन के जल्द गिरफ्तारी के मांग कइले बाडन। दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी भी सिंह के हत्या के उचित एजेंसी से जांच करवाये के मांग कइलन। कांग्रेस भी एह मामला के जांच सीबीआई के सौंपे के मांग कइले बिया।
डीजीपी से उलझल समर्थक लोग
हत्या के बाद रणवीर सेना के सैकड़न गो समर्थक मौका पर जुट गइलन। हिंसा भड़क गइल, अउर पांच गो गाडी जरा दिहल गइल। राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव भी भइल। मौका पर पहुंचल बिहार के डीजीपी अभयानंद से भी समर्थक लोग उलझे के कोशिश कइल। एसपी के दउरा दिहल गइल। जिला में जुलूस भी निकालल गइल।
आरा में कर्फ्यू लगावल गइल
ब्रह्मेश्वर मुखिया के हत्या के बाद आरा में उनकर समर्थक भड़क उठल बाडे, अउर भोजपुर समेत मध्य बिहार के कई जिला में जबर्दस्त तनाव बाटे। आरा में धारा 144 लगा के उपद्रव करे वालन के देखते ही गोली मारे के आदेश दे दिहल गइल बाटे। औरंगाबाद, सासाराम समेत मध्य बिहार के कई जिलन में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कइल गइल बाटे।
नीतीश कइलन शांति के अपील
एह घटना के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तनाव अउर उपद्रव के माहौल में भोजपुर के लोगन से शांति अउर सौहार्द बना के राखे के अपील कइलन। नीतीश अपना सेवा यात्रा का सिलसिला में आज भागलपुर में बाडन।
के रहलन ब्रह्मेश्वर सिंह?
ब्रह्मेश्वर सिंह उर्फ ब्रह्मेश्वर मुखिया बिहार में नक्सली संगठनन अउर बड़ किसानन के खूनी संघर्ष के इतिहास के एगो बड़हन नांव रहलन। भोजपुर के खोपिरा गांव के रहे वाला मुखिया बिहार में नक्सली संगठनों के खिलाफ 1994 में रणवीर सेना के गठन कइलन। रणवीर सेना अउर नक्सलियन के बीच कई गो नरसंहार भइल। लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार एह में सबसे बड़ मानल जाला। ऊंच जाति के 37 लोगन के हत्या के जवाब में दिसंबर 1997 में कइल गइल एह नरसंहार में 58 दलितन के हत्या कइ दिहल गइल रहे। एह में ब्रह्मेश्वर के मुख्य अभियुक्त मानल गइल रहे।
नक्सलवाद के जवाब में बनल रहे रणवीर सेना
बिहार में नक्सलियों के आतंक से निपटे खातिर नब्बे के दशक में बरमेश्वर मुखिया रणवीर सेना के गठन कइलन। एह निजी सेना पर कई नरसंहार के आरोप बाटे। एह में लक्ष्मणपुर बाथे, मियांपुर अउर बथानीटोला के नरसंहार काफी चर्चित रहल। सन 1994 से लेके 2002 के बीच करीब 277 लोगन के हत्या के 26 मामलन के मुख्य आरोपी मुखिया के सबूतन के अभाव के चलते जुलाई, 2011 में अदालत से जमानत मिल गइल। ऊ करीब नौ साल ले जेल में रहलन।



ज़मीन और घर की चिंता में, चिता का रह रहकर आता है ध्यान
खेत में डालने की दवाई खाकर, दे देता है वो एक दिन अपनी जान
कितना असहाय हो गया है यारों, सोचो इस देश का किसान
हर आधे घंटे में जो दे रहा है, इसी ज़मीन पे अपनी जान
इसी ज़मीन पे अपनी जान
इसी ज़मीन पे अपनी जान
शायद आप में से काफी कम लोगों को पता हो कि हमारे लिए दिन-रात मेहनत कर के अपना पसीना बहाने वाला भारत का किसान कितने अवसाद में है. ये वही किसान है है जो अपनी मेहनत से फसल उगाता है, पर जिसे खुद ही साल में कई दिनों तक भूखा ही सोना पड़ता है. यदि हम सरकारी डाटा पर विश्वास करे तो हर एक साल में औसतन १६,६३२ भारतीय किसान आत्महत्या कर रहे हैं. दुसरे शब्दों में कहे तो हर आधे घंटे में कही ना कही, कोई ना कोई किसान अपनी जान ले रहा है. सबसे बड़ी चिंता कि बात तो ये है कि आत्महत्या करने वाले किसानों में सबसे ज्यादा १५-२९ वर्ष कि आयु के युवा किसान है.
आखिर क्यूँ हो रहा है ये सब? क्या गलत हो रहा है उनके साथ? ये एक बहुत बड़ा प्रश्न है, जो यहाँ अभी बयां करना संभव नहीं है. अगली बार जरुर चर्चा करुँ इस बारे में. उम्मीद है आपका भी करूणा से भरा दिल जरुर रो रहा होगा ये पढ़कर और आपको जरुर मजबूर कर रहा होगा कुछ सोचने पर. अपने विचार बताइयेगा जरुर, मुझे इंतजार रहेगा.
संजीव त्यागी (कुतबपुर वाले )
३३,गाज़ावाली रूरकी रोड
मुज़फ्फर नगर ,09457392445,09760637861m