बक्सर। हमार बाबा एगो बात कहत रहनी कि “थेथर आदमी से ना लागे के चाहीं, काहे कि ओकर ना कवनो प्रतिष्ठा होला, नाही इमान, अउर अपना के सही साबित करे खातिर ऊ आदमी कवनो हद तक गिर सकेला।“ काल्ह रवि कांत दुबे बक्सर में कुछ अइसन कइलन कि कई साल पहिले बाबा के बतावल ई बाद आजो ओतने प्रासंगिक लागल ह। आखिर जवना आदमी (रवि कांत दुबे) के पिता ओकरा खिलाफ लिखे खातिर मजबूर भइलन, जेकर पत्नी ओकरा खिलाफ मुकदमा लड चुकल बाडी, अउर जेकर अपना शहर के लोग ओकरा खिलाफ पूरा शहर में इश्तेहार लगवा चुकल बा, ऊ अगर केहु पर चरित्र-हनन अउर रंगदारी के झूठा मामला दर्ज करावता, त एकरा के का कहल जाई? अगर रउआ मीडिया में बानी, त ई खबर राउर आँख खोल सकेले। पहिले लोग मीडिया वालन से आपन खबर छपवाये के निहोरा करत रहे, या फिर कवनो प्रभावशाली व्यक्ति से दबाव बनवावत रहे, लेकिन आज के स्थिति ई बा कि अगर रउआ केहु के खबर ना छापब, त ऊ रउआ पर झुठा मुकदमा भी कर सकेला। जी हाँ, सिर्फ आपन खबर भोजपुरिया डॉट कॉम पर ना छपला के हताशा में भोजपुरी अकादमी के चेयरमैन रवि कांत दुबे भोजपुरिया डॉट कॉम के संचालकन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवले बाडन। अउर एह बात के ऊ अदालत में जमा ओह परिवाद में भी सकरले बाडन कि ये लोग हमसे द्वेश भाव रखते हैं, और हमारी खबरें अपनी वेबसाइट पर नहीं लगाते हैं।
बात होत रहे रवि कांत दुबे द्वारा दूगो लइकियन के नाम से फेक प्रोफाइल चलाये के, अउर ओह घटना के एगो नया अउर मनगढंत मोड देके रविकांत दुबे भोजपुरिया डॉट कॉम के संचालक सुधीर कुमार, नवीन भोजपुरिया, पंकज प्रवीण, शारदा प्रसाद तिवारी अउर शशिकांत उपाध्याय समेत अन्य लोगन पर पाँच लाख रुपया रंगदारी माँगे के आरोप लगवले बाडन। बक्सर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के अदालत में एगो परिवाद दायर कइ के रविकांत दुबे कहले बाडन कि ई लोग उनका के बदनाम करे एक साजिश कइले बा, अउर उनका से पाँच लाख रुपया के रंगदारी माँगल गइल बाटे। हमनी का चाहेब कि रवि कांत दुबे साक्ष्य का संगे मीडिया का लगे जास, ताकि लोगवो जानो कि खबर ना लगला के हताशा आदमी से का-का करा सकेले।
एहिजा हम साफ साफ बतावल चाहेब कि एह लिस्ट में के एको आदमी पिछला एक साल में रवि कांत दुबे से बात करे, ई-मैल भेजे, या संपर्क करे के कोशिश भी नइखे कइले। जब हमनी का संपर्क ही नइखी कइले, त फेर एह में रंगदारी मांगे के त सवाले (वइसे भी रंगदारी माँगल कवनो लइकन के खेल ना हवे) नइखे। हाँ, एह बीच में रवि कांत दुबे स्वयं कई हाली हमनी के फोन जरुर कइले बाडन, आपन न्यूज छपवाये खातिर। कई हाली फोन कइला के बादो जब उनकर खबर हमनी का ना लगवनी जा, त रवि कांत दुबे बकायदा अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के महामंत्री श्री गुरुचरण सिंह से भोजपुरिया डॉट कॉम पर आपन खबर लगवाये खातिर पैरवी भी करवले रहलन, जेकर साक्ष्य हमनी का लगे मौजुद बा। लेकिन ओतना के बादो जब उनका सें संबंधित खबर भोजपुरिया डॉट कॉम पर ना लागल, त ऊ खुले आम फेसबुक हमनी के धमकी देहले कि “बहिस्कार करत-करत रउआ लोग खुदे समाज से बहिस्कृत हो जायेब।“
ओकरा बाद रविकांत दुबे एगो लइकी के फेक प्रोफाइल (रागिनी सिन्हा) बनवलन अउर ओह प्रोफाइल से मॉरीशस के वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सरिता बुद्धु, फिल्म अभिनेता मनोज तिवारी अउर कुछ अन्य लोगन पर आपन भडास निकाले लगलन। ओही प्रोफाइल से ऊ भोजपुरिया डॉट कॉम के संचालक सुधीर कुमार पर भी ब्लैकमेल करे के, अउर रंगदारी वसूले के आरोप लगवले रहलन, अउर इहे आरोप ई आज अदालत में भी लगवले बाडन, त एह से साफ पता चलता कि ई प्रोफाइल रवि कांत दुबे के ही रहे, अउर एह तरह हमनी के दावा के ऊ खुद साबित कइ देले बाडन।
भोजपुरिया डॉट कॉम पर ई पहिले भी लिखल गइल रहे, अउर आज हमनी का ई दोहरावल चाहेब कि हमनी का आपन लिखल हर एक लाइन के एह देश के कवनो अदालत में साबित करे खातिर तैयार बानी जा। हमनी का खुला चुनौती दे तानी जा रवि कांत दुबे अउर उनकर चमचा लोगन के, कि या त ऊ लोग आपन लगावल आरोप के साबित करो, या फिर न्यायालय में सच के सामना करे खातिर तैयार हो जाव। भोजपुरिया डॉट कॉम अउर एह से जुडल हर व्यक्ति के एह देश के कानून में पूर्ण आस्था बाटे, अउर हमनी के आशा ही ना, बल्कि पूरा विश्वास बा कि अदालत एह मामला के तह तक जाई, अउर रवि कांत दुबे के चेहरा पर लागल नकाब उखाड फेंकी। भोजपुरिया समाज के ऑनलाइन आवाज, अउर भोजपुरी-भाषियन के सबसे बडहन पोर्टल (जेकरा देश के सर्वश्रेष्ठ कल्चरल पोर्टल के अवार्ड मिल चुकल बा) के खिलाफ दर्ज भइल एह झूठा मुकदमा में हमनी का स्वयं भी कानुनी सलाह ले रहल बानी जा, जेकर असर बहुत जल्दिये देखे के मिली।




हम भी माननीय अदालत के नोटिस के इन्तजार में बानी ताकि दूध आ पानी के हिसाब ठीक ठीक ढंग से हो जावो....
ऐगो कहाबत बा जब आदमी दंल-दंल(किचर) मे फ़ँस जाला तब जेतन हाथ गोड़ मरेला ओतने आउर धंसत जला
दुबे जी के भी उहे हाल बा, उ आपन कुल करनामा के खुदे बतबत बारन,साय्द उन्कर दिमागी हालत ठीक नईखे कोई उन्कर के पगल खन मे भर्ती कर द लोग, उनकर चमचा लोग के भी उहे व्यवस्था कर दिहल जाव, न त जेल त पक्के बा ...........
जैय भोजपुरी,