जीरादेई (सिवान)। स्थानीय महेन्द्र इंटर कॉलेज में भरत शर्मा अउर अराधना सिंह के जलवा कुछ अइसन रहे कि देर रात ले लोग उनका गीतन पर झूमत रहे। भोजपुरिया स्वाभिमान सम्मेलन के आखिरी सत्र के शुरुआत करीब साढे छह बजे मधुबाला शर्मा द्वारा प्रस्तुत “सुंदर सुभूमि भइया, भारत के देशवा से...“ से भइल, अउर ओकरा बाद मंच पर भोजपुरी सम्राट भरत शर्मा अउर अराधना सिंह के बोलावल गइल। भरत शर्मा अपना कार्यक्रम के शुरुआत एगो भक्ति गीत से कइलन। ओकरा बाद जइसहीं भरत शर्मा शुरु कइलन “दिल्ली, बंबई, कलकत्ता, चाहें रहिह मसूरी में, पढिह-लिखिह कवनो भाषा, बतिअइह भोजपुरी में...” त हजारों लोग खडा होके नाचे लागल। एक ओर जहाँ कुछ लोग भोजपुरी में अश्लीलता के ही सफलता के पैमाना मान लेले बा, वइसन माहौल में भरत शर्मा के जादू लोगन के बदलत मिजाज के संकेत नियन रहे। ओकरा बाद, त एक के बाद एक शानदार गीतन से लइका से लेके पुरनिया ले, हर आदमी के भरत शर्मा झूमे पर विवश कइ देहलन।
भरत शर्मा का संगे-संगे प्रसिद्ध भोजपुरी लोकगायिका अराधना सिंह भी आइल रहली, अउर उनकर गीत – “चमके हमरो गांव नगरिया, जइसे सूरज चाँद हो... ई भोजपुरिया माटी हउवे, देशवा के शान हो...“ लोगन के थिरके खातिर मजबूर कइ दिहलस। गीत के एक-एक शब्द पर लोग उत्साह से ताली बजावत रहे, अउर नाचत रहे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था देख रहल सिपाही लोगन के देख के अराधना अपना अगिला गीत ओही लोगन के समर्पित कइली, जवन कि सिपाही सईंया के बोला रहल एगो बिरहिन के दर्द पर आधारित रहे।
देह के कंपकंपा देवे वाला ठंड के बीच लोगन के उत्साह एतना रहे कि एक बेर गीतन के फइरमाइश आये लागल, त समय कइसे बीतल, केहु के पता ना चलल। अंत में जब “अंगना दुआर, महल अटरिया, तोरा बिना नीक नाहीं लागे ले संवरिया..” के बाद भरत शर्मा के कार्यक्रम समाप्ति के उदघोषणा भइल, तब घडी में रात के एक बजे वाला रहे। जीरादेई के लोगन खातिर ई एगो खास अवसर रहे, अउर कार्यक्रम के अंत में सब केहु मंच के करीब आके भरत शर्मा के विदा कइल।
कार्यक्रम के बाद एगो बुढ आदमी मैदान के एक कोना में अकेले बइठल रहलन, पूछला पर पता चलल कि ऊ भरत शर्मा के बहुत बडहन फैन हवन, अउर खाली एही कार्यक्रम के देखे खातिर अकेले छपरा से आ गइल रहलन। बाद में आयोजक लोग उनका ठहरे व भोजन के व्यवस्था कइल। भरत शर्मा अउर अन्य कालाकारन के लवटला के साथ कार्यक्रम त खैर ओह दिने खतम हो गइल, लेकिन एकर याद जीरादेई अउर सिवान के लोगन के जेहन में काफी लमहर समय तक बनल रही।




सब मिला के भरत शर्मा वाकई मे अदभुत , गजब , प्रभावशाली आ लाजवाब बाडन
जय भोजपुरी
e gana hamara ke bahut badhiya lagela.....
mukesh ch. srivastav (journalist ) agra-mathura
9473081800,9808811801
Mey Vinod kumar Sharma, Muscat International Airport, Oman mey service karta hoon. Waisey to apki gayaki ko bhulaya nahi ja sakta, lekin uskey upper bhi mera sambandh hai apkey sath.
Waisey to ajkal bhojpuri gayaki mey " Barsat key kukurmutey" ki tarah gayak logo ka aana ho raha hai, lekin wahi baat hai ki gatey hai to "nak aur .........kiya kiya .....khujlatey hai". In logo ney bhojpuri jaisey meethi bhasha ko bhi badnam kar diya hai. Na to inko mantra ka gyan hai na to sure ki parwah. Lekin ye suna rahey to janta sun rahi hai. Bhojpuri ki pawitrata is tarah samapt honey key kagar per hai.
Isley, aapsey nivedan hai ki apney mukhar bindu sey gatey rahiye, bhagwan aapki lambi ummar dey, taaki bhopuri jinda rahey. Bhojpuria logo ki shaan bhi bani rahey.
Bus itna hi aaj........bkai baad mey.
Regards,
Vinod Kumar Sharma
Muscat International Airport, Oman
GSM# +968 92212647