प्रख्यात गायिका मालिनी अवस्थी बहुत हलकान हैं। दरअसल, भोजपुरी गीतों में ऐसे कोई प्रसंग उन्हें बहुत खोजने के बावजूद नहीं मिल पा रहे हैं, जिसमें पति-पत्नी के बीच में कोई बहुत बड़े विवाद को पूरी तरह व्यक्त किया जा सके। लेकिन यही मालिनी अवस्थी की यह समस्या ही तो उनकी सबसे बड़ी प्रसन्नता है। कारण यह कि भोजपुरी समाज की व्यवस्था में ऐसे विवादों की तो कभी गुंजाइश कभी रही ही नहीं। ऐसी हालत में जब विवाद ही न हो तो उसे व्यक्त करने के लिए गीत-छंद की आवश्यकता कभी खोजी ही नहीं गयी। मालिनी बताती हैं कि इस समाज में पति-पत्नी के बीच हल्की–फुल्की दिखावा जैसी छेड़खानी जरूर मौजूद है, लेकिन उसका मकसद केवल परस्पर स्नेह-भाव बढ़ाने के लिए प्याहर-लाड़ के साथ मनुहार तक सीमित है। मकसद है कि पारिवारिक रिश्तों को लगातार मजबूती दिलाना। दुखांत प्रकरणों की जमीन से परे भोजपुरी ने कभी काम ही नहीं किया और भविष्य में शायद कभी हो भी नहीं।
नई दिल्ली। "मेरे पति ओंकारेश्वर पाण्डेय ने दो दिन पहले 4-5 लोगों के साथ मुझे जबरदस्ती लाकर यहाँ पागलखाने में भर्ती करवा दिया है। मुझे ज...
मुंबई। भोजपुरी के अकेला मनोरंजन चैनल महुआ के खिलाफ अब बकायेदार लोग खुल के सामने आये लागल बाटे। पइसा डूबला के डर से अब ले चुप्पी साध के ...
मुंबई। भोजपुरी अभिनेता रवि किशन जल्दिये एगो डांस रियलिटी शो में बतौर होस्ट नजर आये वाला बाडन। महुआ टीवी पर शुरू होखे जा रहल एह अनोखा रि...