लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मायावती का लगे आपन मूर्ति लगवाये खातिर त पइसा बा, लेकिन लइकन के पढ़ाई खातिर नइखे। प्रदेश में दलित नेता लोग के नांव पर पार्क आ स्मारकन पर त मायावती करोड़ों रूपया खर्च कइ देहली, लेकिन शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करे खातिर ऊ केन्द्र से पइसा मांग रहल बाडी। मायावती के माँग बा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करे खातिर केन्द्र राज्य सरकारन के वित्तीय भार के वहन करो। मायावती एहिजा प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के शनिचर के एगो पत्र में लिखली कि संविधान के व्यवस्था के अनुसार शिक्षा के समवर्ती सूची में शामिल कइल गइल बाटे। अइसन हालत में ई जरुरी बा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार द्वारा राज्यन से औपचारिक विचार- विमर्श कइला का संगे-संगे एकरा क्रियान्वयन खातिर समुचित वित्तीय व्यवस्था भी करे के चाहीं।
मुख्यमंत्री आगे लिखले बाडी कि भारत सरकार शिक्षा के अधिकार के अधिनियम त बना दिहले बाटे, लेकिन एह अधिनियम के क्रियान्वयन खातिर आवश्यक आर्थिक व्यवस्था नइखे कइले। एह अधिनियम के लागू करे में 45 प्रतिशत धनराशि के व्यवस्था राज्य सरकार के करे के पडी। मायावती इहो लिखले बाडी कि अधिनियम के क्रियान्वयन खातिर राज्य सरकार के करीब 8000 करोड रूपया के व्यवस्था करे के पडी, जवन कि प्रदेश के वर्तमान आर्थिक स्थिति के देखते हुए सम्भव नइखे।
मायावती अपना पत्र में केन्द्र सरकार से अनुरोध कइले बाडी कि अगर भारत सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम के गम्भीरतापूर्व लागू कइल चाह तिया, त ओह के उत्तर प्रदेश सरकार के पूरा पइसा उपलब्ध कराये के चाहीं। मुख्यमंत्री उम्मेद जाहिर कइले बाडी कि एह महत्वपूर्ण मुद्दा पर केन्द्र सरकार गम्भीरतापूर्वक विचार कर के सकारात्मक निर्णय ली। मायावती के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा लागू कइल एह शिक्षा का अधिकार अधिनियम के उत्तर प्रदेश में अमली जामा पहनाये खातिर एक साल में करीब 18,000 करोड रूपया के जरूरत पडी, जवना में राज्य सरकार के 45 प्रतिशत के धनराशि के व्यवस्था करे के पडी।
एहिजा ई बतावल जरुरी होई कि उत्तर प्रदेश सरकार पिछला 2-3 साल में मायावती आ कुछ अउर दलित नेता के मूर्ति आ पार्क बनाये के नाम पर सैकडों करोड रुपया खर्च कर चुकल बिया। सुप्रीम कोर्ट अउर बाकी विपक्षी पार्टियन के विरोध के बावजुद मायावती काल्हे एह मूर्तियन के सुरक्षा खातिर अलग से सिपाहियन के भर्ती के भी घोषणा कइली। एकरा अलावा कुछ दिन पहिले मायावती अपना नोटन के माला खातिर भी खासा चर्चा में रहली। कुल मिला के कहल जा सकेला कि मायावती का लगे अपना मूर्ति खातिर पइसा बा, ओकर सुरक्षा खातिर पइसा बा, लेकिन देश के भविष्य कहल जाये वाला लइकन के पढाई खातिर पइसा नइखे।


